Friday, October 21, 2016

मोबाइल फोन संपति और विपति की तरह ही सुखद और दुखद है

Posted by Pitbull Punjab on 7:13:00 PM in | 1 comment


मोबाइल फोन संपति और विपति की तरह ही सुखद और दुखद है 

मोबाइल फोन – एक सुविधा या संपति – मोबाइल फोन मनुष्य के हाथों में खेलने वाला चोबिसों घंटों का नौकर है |उसकी हैसियत इनती भर है कि वह मनुष्य की जेब में जाता है |  वहीँ से बैठा-बैठा वह बताता रहता है कि कोई आपका अपना आपसे बात करना चाहता है | अब आपकी इछ्चा है कि आप बात करें या न करें, या प्रतीक्षा के लिए कहें | वास्तव में मोबाइल के माध्यम से सारी दुनिया आपकी जेब में रहती है |

आज मोबाइल फोन बहुत सस्ता हो गया है | केवल कुछ रुपयों में देश-विदेश में बातें हो सकती हैं | संदेश भेजता तो लगभग मुफ्त है | कोई व्यक्ति एक-साथ सैंकड़ों लोगों को कुछ ही मिनटों में संदेश भेज सकता है, वह भी बहुत कम मूल्य पर | यह संदेश-माध्यम डाक-घर के पोस्टकार्ड से भी सस्ता और विश्वसनीय बन गया है | यहाँ तक कि ‘मिस्ड काल’ के माध्यम से बिना पैसा खर्च किए भी अनेक संदेश लिए-दिए जा सकते हैं |

संपर्क का सस्ता और सुलभ साधन – मोबाइल फोन संचार का माध्यम तो है ही, साथ ही वह घड़ी, टोर्च, संगणक, कैमरा, संस्मारक, रेडियो, खेल, मनोरंजन आदि की भी भूमिका निभाता है | वास्तव में वह अलादीन का चिराग है | मोबाइल फोन में शक्तिशाली कैमरा फिट हैं जिनके माध्यम से आप संवाद-सहित पुरे दृश्य कैमरे में कैद कर सकते हैं | अँधेरे में वह टोर्च का काम करता है तो सोते हुए अलार्म घड़ी का | वह आपको महतवपूर्ण पल याद कराने वाला स्मारक मित्र भी है और कलेंडर भी | गणता से लेकर टाइम-कीपिंग तक का काम मोबाइल फोने द्वारा ललिया जा सकता है |

विप्तियाँ – अनचाहा खल डालने का साधन – मोबाइल फोन के अभिशाप भी कम नहीं हैं | यह मनुष्य को चोबिसों घंटे व्यस्त रखता है | इसके कारण हमें अनचाहे लोगों से अनचाहे समय में बातें करनी पड़ती हैं | आप पूजा में बैठे हैं या गहन अध्ययन में मग्न हैं कि इसकी घंटी हमारा ध्यान भंग कर देती हैं | हम खीझ उठते हैं, किंतु कर कुछ नहीं सकते | यदि अपने मित्र-बंधू असमय में फोन करें तो भी बुरा नहीं लगता | बुरा तब लगता है जबकि दिनभर विज्ञापन-कंपनियों ने विज्ञापन या निवेश-कंपनियों के आफर आपको परेशान करते रहते हैं | गलत नंबर मिलना, अनावश्यक संदेशों का आना और उसे मिटाना भी अलग से एक काम है जिसके कारण जीवन का कुछ समय व्यर्थ में बर्बाद हो जाता है |

अपराधियों के लिए वरदान – मोबाइल फोन की विप्तियों का दर्द युवतियाँ और लडकियाँ अधिक झेलती हैं | उन्हें अनजान शरारती तत्वों की बेतुकी बातें से पिंड छुड़ाना बहुत भारी पड़ता है | आजकल मोबाइल फोन के कारण अपराधियों के गिरोह अपने कम को आसानी से अंजाम तक पहुँचाते हैं | अनेक बदमाश जेलों में बंद होते हुए भी मोबाइल के माध्यम से आतंक फैलाते हैं |

मोबाइल फोन इलेक्ट्रॉनिक किरणों से चलते हैं | इसलिए इसकी घातक किरणे ह्रदय तथा मस्तिष्क पर बहुत बुरा प्रभाव डालती हैं | जो लोग मोबाइल का बहुत अधिक उपयोग करते हैं उनके मस्तिष्क की नसें उत्तेजित होकर अनके बीमारियों को जन्म देती हैं |

निष्कर्ष – मोबाइल फोन वरदान है | इसके अभिशापों को समझदारी से समाप्त किया जा सकता है | यदि मनुष्य इसके उपयोग को अपने अनुसार नियंत्रित कर ले तो इसके कारण होने वाली मुसीबतों से बहुत सीमा तक बचा जा सकता है |

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