Friday, September 23, 2016

भारत की राजधानी

Posted by Pitbull Punjab on 10:37:00 AM in | No comments


भारत की राजधानी

दिल्ली-महत्वपूरण नगर – भारत की राजधानी दिल्ली को लोग ‘भारत का दिल’ कहते हैं | भारत की राजधानी अनेक समस्याओं, संस्कृतियों, युगों, बोलीओं, जीवन-सत्रों का संगम है और पुरे भारत की धड़कन है |

सम्पूर्ण भारत की प्रतिनिधि – दिल्ली में हर प्रदेश, प्रांत, जिले, नगर, बोली, भाषा, धर्म, संस्कृति, कला और ज्ञान का संगम मिल जाएगा | एक प्रकार से दिल्ली में पुरे भारत के दर्शन किए जा सकते हैं | यह ‘लघु भारत’ तो है ही, विश्व की प्रमुख संस्कृतियाँ, भी इसकी गोद में खोलदी नज़र अति हैं | 

हलचल से भरी नगरी – दिल्ली वास्तव में दिल की धड़कन है | भारत में कही कोई घटना-दुर्घटना हो, उसकी धड़कन दिल्ली के गलियारों, सड़कों, चोरहों और दीवारों पर नजर अ जाती है | विश्व-कप खेल हों, जैक्सन के अन्तर्राष्ट्रीय शो हों, विश्वविख्यात प्रदर्शनियाँ हों, वैज्ञानिक करिश्मे हों, सबके सब दिल्ली को अपना रूप-वैभव दिखाकर प्रसन्न होते हैं | इस कारण दिल्लीवासियों का जीवन उत्सव-जैसा बीतता है |

शिक्षा की अग्रणी – दिल्ली में शिक्षा के श्रेष्ठतम संसथान उपलब्ध हैं | भारत की सभी विद्याएँ यहाँ के विश्व्विधायलों में पदाई जाती है | यहाँ तक कि विश्व की अनेक भाषाएँ तथा ज्ञान की शाखाएँ भी यहाँ रहकर सीखी जा सकती हैं |

मनोरंजन का खज़ाना – मनोरंजन के शेत्र में दिल्ली के पास अनंत साधन हैं | बुद्ध-जयंती उपवन, लोधी उपवन, नेहरु गार्डन, राष्ट्रपति उद्धान, कालिंदी कुंज यहाँ के प्रसिद्ध उपवन हैं | लालकिला, जामा मसजिद, बिड़ला मंदिर, जंतर-मंतर, क़ुतुब मीनार, चिड़ियाघर, अप्पूघर, राष्ट्रीय संग्रहालय, बाल-भवन आदि ऐसे अनगिनत भवन यहाँ के निवासियों का नित्य मनोरंजन करते हैं | इसके अतिरिक्त मंडी हाउस, सप्रू हाउस जैसे विकसित नाट्य-ग्रृह, विज्ञान-भवन जैसे सभा-ग्रृह, विभिन्य प्रदर्शनियाँ और प्रदर्शनी-स्थल मंत्र-मुग्ध कर देते हैं | सचमुच दिल्ली मनोरंजन का जुलाई पिटारा है |

व्यापर और तकनीक – दिल्ली में चाँदनी चौक, कनाट प्लेस, पालिका बाज़ार, साउथ एक्सटेशन, करोल बाग़ जैसे अति व्यस्त, भव्य और आधुनिकतम बाज़ार हैं जहाँ विश्व की प्र्तियेक वास्तु मिल जाती है | ऐसी बात नहीं कि दिल्ली केवल अमीरों के लिए हो | गरीब लोग पटरियों, रविवारीय बाज़ारों से सस्ते दामों पर माल खरीद पाते हैं |

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