Friday, September 30, 2016



आतंकवाद

भूमिका – आज पुरे विश्व में आतंक का साया मंडरा रहा है | न जाने कैन-सा हवाई जहाज अगुआ कर लिया जाए और किसी गगनचुंबी इमारत से टकरा दिया जाए | न जाने, कब-कहाँ कौन मारा जाए ? जब आतंकवाद के क्रूर पंजों से संसद, विधानसभा और मुख्यमंत्री तक सुरक्षित नहीं तो आम आदमी कहाँ जाए ?

आतंकवाद क्यों – प्रश्न उठता है कि आतंकवाद क्यों फल-फुल रहा है ? इसके कारण अनेक हैं | एक समाज देश या धर्म का दुसरे तो दबाना और दबे हुए का बदले की भावना से हिंसक हो उठना मुख्य कारण है | बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, गरीबी, भूख, क्षेत्रवाद, धर्माधता आदि अन्य कारण हैं | ये कारण इतने जटिल होते हैं कि कैंसर के समान शरीर को खा जाते हैं | कोई दवाई एन पर असर नहीं डाल पाती | एस कारण आतंकवाद फलता-फूलता रहता है |

विश्वव्यापी समस्या – आज आतंकवाद की जड़ें बहुत गहरी और विस्तृत हो गई हैं | अनेक आतंकवादी संगठनों के संपर्क-सूत्र पुरे विश्व में फैल गए हैं | ओसामा बिन लादेन ने अफगानिस्तान में बैठकर जिस तरह अमेरिअक के दो टावरों को ध्वस्त किया ; जिस तरह पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत से बहार बैठकर मुंबई, संसद तथा कश्मीर पर आक्रमण किए, उससे उनके अंतरराष्ट्रीय संबंधों का प्रमाण मिल जाता है |

भारत में आतंकबाद – भारत में आतंकबाद का आरंभ स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ-साथ हो गया था | कश्मीर के मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान के बीच जो खींचतान हुई, वह धीरे-धीरे हिन्दू-मुसलमान संघर्ष का घिनौना रूप धारण करने लगी | नए-नए आतंकवादी संगठन कुकुरर्मुतों की तरह उग रहे हैं | नागालैंड, मिज़ोरम, सिक्किम, उतर-पूर्व, तमिलनाडु, असम और अब हैदराबाद – सबमें कोई-न-कोई आतंकबादी गतिविधि जारी है | कहीं नक्सली आतंकवादी गुट मुख्मंत्री चंद्रबाबु पर आक्रमण कर रहा है तो कहीं उल्फा या लिट्टे सिरजोर बने हुए हैं |

हानियाँ – आतंकवाद फैलने से चारों अशांति का साम्राज्य हो जाता है | लोग चूहों की भाँती साँस लेते है और मरने को तैयार रहते हैं | वहाँ किसी प्रकार की ख़ुशी और उन्नति पसर नहीं पाती | आतंकवादी का कोई दीन-धर्म नहीं होता | वह अपनों का खून बहाने से भी बाज नहीं आता |

उपाय – आतंकवाद का सफाया करने के लिए जी-जान लगाने की हिम्मत चाहिए | हिम्मत ही नहीं, उसे कुचलने के लिए पूरी सावधानी, कुशलता और तत्परता भी चाहिए | सौभाग्य से अमेरिका के नेतृत्व में ऐसी कुछ शुरुआत हुई है | अगर अन्य देश भी इसी प्रकार संकल्प करके आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए कुछ ठोस उपाय कर सकें तो एक-न-एक दिन यह विश्व आतंकवाद सुशांत प्रदेश बन सकेगा |


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